अजनबी आपको कॉल मर्ज करने को कहता है — बैंक का OTP सीधे स्कैमर तक पहुंच जाता है
एक कॉलर खुद को आपके परिचित का दोस्त बताता है और कॉल मर्ज करने को कहता है। वह इनकमिंग कॉल आपके बैंक का IVR होती है जो OTP ज़ोर से पढ़ती है। स्कैमर वह OTP सुनकर UPI या नेट बैंकिंग से आपका खाता साफ कर देता है।
इसे इन नामों से भी जाना जाता है: कॉल मर्ज स्कैम, कॉन्फ्रेंस कॉल OTP फ्रॉड, मर्ज कॉल बैंक फ्रॉड
आपके साथ हो चुका है? अगले कुछ मिनटों में यह करें
1930 पर कॉल करें- 1 1930 — राष्ट्रीय साइबर-क्राइम हेल्पलाइन — पर अभी कॉल करें। जितनी जल्दी रिपोर्ट करेंगे, पैसा फ्रीज़ होने की संभावना उतनी ज़्यादा।
- 2 अपने बैंक को कॉल करके तुरंत खाता फ्रीज़ और कार्ड ब्लॉक कराएँ। कार्ड पर छपे नंबर का ही उपयोग करें, मैसेज या कॉल वाले नंबर का नहीं।
- 3 cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें और हर मैसेज, स्क्रीनशॉट व ट्रांज़ैक्शन ID सँभालकर रखें।
अभी क्या करें
- 1 किसी भी अजनबी नंबर के साथ कॉल कभी मर्ज न करें, चाहे कॉलर कितना भी जान-पहचान का लगे
- 2 अगर आपने कॉल मर्ज कर दी है तो तुरंत फोन काटें और अपना बैंक बैलेंस चेक करें
- 3 अपने बैंक की fraud helpline पर कॉल करें और UPI लॉक करें
- 4 UPI PIN, net banking पासवर्ड और MPIN तुरंत बदलें
- 5 Report at https://cybercrime.gov.in or call 1930 (national cyber helpline).
चेतावनी संकेत
- ⚠ कोई भी जो आपसे किसी अजनबी नंबर को कॉल में जोड़ने को कहे, उस पर संदेह करें
- ⚠ मर्ज करने के बाद आप बैंक की IVR आवाज़ में OTP सुन सकते हैं — स्कैमर वही OTP तुरंत इस्तेमाल करता है
- ⚠ आप कॉल मर्ज करते ही आपके खाते से पैसे कट जाते हैं और SMS आता है
- ⚠ पहला कॉलर अचानक 'नेटवर्क खराब है' कहकर फोन काट देता है